सच्चाई से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता



"वरना" 

हर बार की तरह इस बार भी मुँह की खाओगे...✍


याद कीजिये कुछ दिन पहले श्री राम जी की तस्वीर बिना धनुष बाण के छपी थी कि मेरा राम हिंसक नही है...



इसी तरह बंगाल में दुर्गा माँ की मूर्ती बिना शस्त्रों के लगाने की परंपरा शुरू हुई...


 


ऐसा ही उल्टा पुल्टा महात्मा गांधी और कांग्रेस ने किया था ये जो अशोक स्तम्भ के शेर और रेप्लिका दिखाई देते हैं ये उस फार्मूले की देन थी जो गांधी ने दी थी जैसे गांधी ने "अहिंसा परमो धर्मा" से धर्मम हिंसा तथैवचे को अलग कर के पेश किया था... 

ठीक वैसे ही चिन्ह में शांत और कमजोर शेर के चिन्ह को गड़वाया...


अशोक स्तम्भ की ओरिजनल मूर्ती सारनाथ म्यूसियम में रखी है....



सारनाथ म्यूज़ियम से असली अशोक स्तंभ, शेर भी ठीक वैसे ही है जैसा भारत सरकार ने नई संसद की छत पर लगवाया है...


अब हमारी वोट लेकर मोदी जी भला कैसे भुल सकते हैं कि हिन्दुओं को क्या पसंद है और क्या नही..??

 तो बिना किसी डर और रद्दोबदल के सारनाथ के म्यूजियम से ज़ेरॉक्स कॉपी बनवा दिया गया है...❤



चुकी विधर्मी खानदानी औवेसी और अंधा लंगड़ा विपक्षी दल को हर चीज का विरोध और सत्य को छुपाना, देश के वास्तविक स्वाभिमान प्रतीकों को हटा कर जनमानस में हीन भावना भरना उद्देश्य रह गया है...



 इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है... 


"इसलिए"


मेरी पोस्ट और गूगल चैक कीजिये और सच्चाई गद्दारों के मुँह पर फैंक कर मारिये...!! 



भारत माता की जय🚩 नसा सिर्फ हिन्दुत्व का🚩 वंदे मातरम्🚩